हरे पानी का चमत्कारी प्रभाव
हरे पानी से तात्पर्य किसी हरे रंग की साफ कांच की बोतल में तीन-चौथाई साधारण पानी भरकर, उसे 6 से 8 घंटे तक धूप में रखने से है। इस प्रक्रिया में पानी का रंग हरा नहीं होता, लेकिन सूर्य की किरणों के प्रभाव से इसमें रोग-निवारक गुण आ जाते हैं।
हरे पानी के स्वास्थ्य लाभ:
- शरीर की गंदगी बाहर निकालने में सहायक
- पुरानी से पुरानी कब्ज को दूर करने में प्रभावी
- गुर्दों, आंतों और त्वचा की कार्यप्रणाली में सुधार
- रक्त को शुद्ध करने में मददगार
- शरीर का तापमान संतुलित रखने में सहायक
हरे पानी का सेवन विधि:
- सुबह कुल्ला करने के बाद खाली पेट एक कप हरा पानी पिएं।
- दोपहर में भोजन के आधे घंटे पहले आधा कप लें।
- शाम को भोजन से पहले आधा कप सेवन करें।
- कुछ दिनों तक लगातार सेवन करने से कब्ज से राहत मिलती है।
हरे पानी का अन्य उपयोग:
- आंखों में जलन और लालिमा की समस्या होने पर, सुबह-शाम दो-दो बूंद डालें।
- हरे पानी से आंखें धोने से जलन और थकान कम होती है।
हृदय रोग में लौकी (घिया) का रस
लौकी का रस हृदय रोगियों के लिए अत्यंत लाभकारी है। इसे तैयार करने के लिए निम्नलिखित विधि अपनाएं:
लौकी का रस बनाने की विधि:
- ताजा और साफ लौकी लें, उसे धोकर कद्दूकस करें।
- ग्राइंडर में इसे पीसें और साथ में 7 तुलसी तथा 5 पुदीने की पत्तियां भी डालें।
- पतले सूती कपड़े से छानकर रस निकालें।
- 125 ग्राम रस में 125 ग्राम पानी मिलाएं।
- इसमें 4 पिसी हुई काली मिर्च तथा 1 ग्राम सेंधा नमक मिलाएं।
लौकी के रस की सेवन विधि:
- हृदय रोगी इसे दिन में तीन बार लें—सुबह, दोपहर और शाम।
- भोजन के आधे घंटे बाद इसका सेवन करें।
- पहले तीन-चार दिन कम मात्रा में लें, फिर धीरे-धीरे 250 ग्राम तक बढ़ाएं।
- हर बार ताजा रस बनाकर पीना चाहिए।
लौकी के रस के फायदे:
- पेट की सफाई करता है और विषैले पदार्थ बाहर निकालता है।
- पेट की समस्याओं को दूर कर हृदय को स्वस्थ बनाता है।
- नियमित सेवन से हृदय रोगों में सुधार देखा गया है।
विशेष सावधानियां:
- पहले से चल रही दवाओं को अचानक बंद न करें।
- प्रतिदिन 3-4 किलोमीटर पैदल चलें।
- खट्टी चीजें जैसे इमली, अमचूर से परहेज करें।
- नशे से दूर रहें और सात्विक भोजन करें।
- रात का भोजन 7:00 बजे तक कर लें और अच्छी तरह चबाकर खाएं।
- भोजन के एक घंटे तक पानी न पिएं।
लौकी के रस पर शोध
मुंबई के K.E.M अस्पताल में डॉ. मनु भाई कोठारी के शोध के अनुसार, लौकी के रस से हृदय की नाड़ियों में अवरोध दूर किए जा सकते हैं, जिससे बिना सर्जरी हृदय रोग में सुधार संभव है।
इन प्राकृतिक उपचारों को अपनाकर स्वस्थ रहें, प्रसन्न रहें और सकारात्मक सोचें!